माँ चंडिका का ये प्राचीन मंदिर भागलपुर से लगभग 14km दूर रामपुरडीह में स्थित है..
यहां माता के शक्ति स्वरूप की पूजा की जाती है..
हर साल नवरात्रि में यहां काफी भव्य पूजा समारोह का आयोजन किया जाता है जिसमें कि काफी दूर दराज के इलाकों लोग सम्मिलित होने के लिए आते हैं..
मंदिर के मुख्य पुजारी श्री शिवनंदन झा एवं श्री शत्रुघ्न झा बताते है कि हर साल यहां पर नवरात्रि में माता के शक्ति स्वरूप की भव्य पूजा की जाती है.. नवरात्रि में दशमी तक हर दिन यहां माता का श्रृंगार पूजन होता है..
आगे वो बताते हैं कि हर साल पुरातत्व विभाग अधिकारी यहां माता के दरबार में सर्वेक्षण के लिए आते हैं.
.पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ये मंदिर करीब तीन हजार साल पहले अवतरित हुआ था.. स्थान को राजकीय धरोहर का दर्जा दिया गया है..
यहां माता के शक्ति स्वरूप की पूजा की जाती है..
हर साल नवरात्रि में यहां काफी भव्य पूजा समारोह का आयोजन किया जाता है जिसमें कि काफी दूर दराज के इलाकों लोग सम्मिलित होने के लिए आते हैं..
मंदिर के मुख्य पुजारी श्री शिवनंदन झा एवं श्री शत्रुघ्न झा बताते है कि हर साल यहां पर नवरात्रि में माता के शक्ति स्वरूप की भव्य पूजा की जाती है.. नवरात्रि में दशमी तक हर दिन यहां माता का श्रृंगार पूजन होता है..
आगे वो बताते हैं कि हर साल पुरातत्व विभाग अधिकारी यहां माता के दरबार में सर्वेक्षण के लिए आते हैं.
.पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ये मंदिर करीब तीन हजार साल पहले अवतरित हुआ था.. स्थान को राजकीय धरोहर का दर्जा दिया गया है..




