इस बात पर बहस का कोई फायदा ही नही कि 3 दिनों में ही अभिनंदन की सुरक्षित रिहाई भारत की कूटनीतिक जीत है या पाकिस्तान की शराफत।
जो तन या मन से पाकिस्तानी हैं उन्हें हज़ारों आतंकवादी हमलों के बाद भी पाकिस्तान में हमेशा ही शांति का देवता आएगा और जो सही मायनों में भारतीय हैं उन्हें पता हैं कि भारत ने पाकिस्तान के सामने झुकने के अलावा कोई और विकल्प ही नही छोड़ा था।
और जो निष्पक्ष होकर निर्णय लेना चाहते हैं वो स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा के बारे में पढ़ सकते हैं जिन्हें जिनेवा समझौते के बावजूद पाकिस्तान ने गिरफ्तार करने के बाद गोली मार दी थी और लेफ्टिनेंट नचिकेता को छुड़वाने में 8 दिन लग गए थे।
जो तन या मन से पाकिस्तानी हैं उन्हें हज़ारों आतंकवादी हमलों के बाद भी पाकिस्तान में हमेशा ही शांति का देवता आएगा और जो सही मायनों में भारतीय हैं उन्हें पता हैं कि भारत ने पाकिस्तान के सामने झुकने के अलावा कोई और विकल्प ही नही छोड़ा था।
और जो निष्पक्ष होकर निर्णय लेना चाहते हैं वो स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा के बारे में पढ़ सकते हैं जिन्हें जिनेवा समझौते के बावजूद पाकिस्तान ने गिरफ्तार करने के बाद गोली मार दी थी और लेफ्टिनेंट नचिकेता को छुड़वाने में 8 दिन लग गए थे।



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