मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एवं देवी सीता के विवाह को समर्पित विवाह पंचमी को लेकर जनकपुर में तैयारी शुरू हो गई है। भारतीय श्रद्धालुओं के नेपाल के जनकपुर पहुंचने का सिलसिला जारी है। 12 दिसंबर को विवाह पंचमी है। नेपाल के जनकपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध राम जानकी मंदिर में आयोजित ऐतिहासिक राम सीता विवाह महोत्सव में शिरकत करने के लिए विगत एक सप्ताह से देश के कोने-कोने से संत महात्मा जयनगर होते सड़क मार्ग से जनकपुर पहुंच रहे हैं। जैसे जैसे विवाह पंचमी का दिन नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे जनकपुर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। जनकपुरी बिहार की सीमा से करीब 50km दूर है।
12 दिसम्बर को विवाह पंचमी के अवसर पर भगवान राम एवं सीता के विवाह उत्सव को लेकर जानकी मंदिर सहित पूरे जनकपुर को सजाया एवं सवारा जा रहा है। हर साल की तरह अयोध्या से भगवान राम की बारात जनकपुर नेपाल जायेगी।
उम्मीद है कि 2018 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बाराती का हिस्सा होंगे.. पूरे रस्म रिवाज के साथ मां सीता एवं भगवान राम का विवाहउत्सव का समारोह पूरे 6 दिनों तक चलेगा।
जानकीमंदिर के महंत रामतपेशर दास ने बताया कि इस बार हर साल की तरह ही भगवान राम सीता का विवाहउत्सव की तैयारी है। हमलोग अयोध्या से आने वाले भगवान राम के बरात का स्वागत धूमधाम से करेंगे हम लोग सराती बन कर पूरे रीती-रिवाज से विवाह उत्सव मनाएंगे।
इसीक्रम में 7 दिसम्बर को जनकपुर दर्शन, 8 को मां सीता का फुलवारी लीला का आयोजन, 9 को धनुष यझ, 10 को राममंदिर से जानकी मंदिर तिलक उत्सव मनाने 11 को मां सीता का मटकोर जानकी मंदिर से शोभा यात्रा गंगासागर पोखर तक 12 दिसम्बर को मां सीता का स्वयंबर बारबीघा मैदान में एवं पूरे रीती-रिवाज के साथ विवाह उत्सव मनाया जायेगा एवं 13 को भगवान का रामकनेवा एवं मयार्दी भोज का अयोजन भी किया जायेगा..
आप सब भी अपने परिवार के साथ आकर रामलला एवं माता सीता के इस मनभावन लीला का आनंद ले सकते हैं।।

12 दिसम्बर को विवाह पंचमी के अवसर पर भगवान राम एवं सीता के विवाह उत्सव को लेकर जानकी मंदिर सहित पूरे जनकपुर को सजाया एवं सवारा जा रहा है। हर साल की तरह अयोध्या से भगवान राम की बारात जनकपुर नेपाल जायेगी।
उम्मीद है कि 2018 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बाराती का हिस्सा होंगे.. पूरे रस्म रिवाज के साथ मां सीता एवं भगवान राम का विवाहउत्सव का समारोह पूरे 6 दिनों तक चलेगा।

जानकीमंदिर के महंत रामतपेशर दास ने बताया कि इस बार हर साल की तरह ही भगवान राम सीता का विवाहउत्सव की तैयारी है। हमलोग अयोध्या से आने वाले भगवान राम के बरात का स्वागत धूमधाम से करेंगे हम लोग सराती बन कर पूरे रीती-रिवाज से विवाह उत्सव मनाएंगे।
इसीक्रम में 7 दिसम्बर को जनकपुर दर्शन, 8 को मां सीता का फुलवारी लीला का आयोजन, 9 को धनुष यझ, 10 को राममंदिर से जानकी मंदिर तिलक उत्सव मनाने 11 को मां सीता का मटकोर जानकी मंदिर से शोभा यात्रा गंगासागर पोखर तक 12 दिसम्बर को मां सीता का स्वयंबर बारबीघा मैदान में एवं पूरे रीती-रिवाज के साथ विवाह उत्सव मनाया जायेगा एवं 13 को भगवान का रामकनेवा एवं मयार्दी भोज का अयोजन भी किया जायेगा..
आप सब भी अपने परिवार के साथ आकर रामलला एवं माता सीता के इस मनभावन लीला का आनंद ले सकते हैं।।
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